महाराष्ट्र की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 2.06 करोड़ नाम बाहर, राहुल गांधी ने उठाए ‘वोट चोरी’ पर सवाल

मुंबई, जनमुख न्यूज़। महाराष्ट्र में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के बाद तैयार की गई ड्राफ्ट मतदाता सूची को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। चुनाव अधिकारियों के मुताबिक, ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में 2,06,88,487 मतदाताओं के नाम शामिल नहीं हो सके हैं। यह संख्या SIR से पहले महाराष्ट्र के कुल मतदाता आधार का करीब 21.14 प्रतिशत है।अधिकारियों के अनुसार, इन मतदाताओं से संबंधित एन्यूमरेशन फॉर्म जमा नहीं हो पाए। इनमें ऐसे लोग शामिल हैं जो अपने पंजीकृत पते पर नहीं मिले, घर बदल चुके हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है, किसी अन्य स्थान पर पंजीकरण करा चुके हैं या जिनके नाम डुप्लीकेट पाए गए हैं। कुछ मतदाताओं द्वारा एन्यूमरेशन फॉर्म भरने या जमा करने से इनकार किए जाने की बात भी अधिकारियों ने कही है।
चुनाव अधिकारियों के मुताबिक, SIR के बाद तैयार ड्राफ्ट सूची में 7.71 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम शामिल हैं। इनमें करीब 3.95 करोड़ पुरुष, 3.75 करोड़ महिलाएं और 3,087 थर्ड जेंडर मतदाता हैं। SIR शुरू होने से पहले राज्य में लगभग 9.78 करोड़ मतदाता दर्ज थे।जिन पात्र मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं हैं, उन्हें 30 सितंबर तक दावा-आपत्ति दाखिल करने का मौका दिया गया है। इसके बाद प्रक्रिया पूरी कर 4 नवंबर को अंतिम मतदाता सूची जारी किए जाने की बात कही गई है।
इस मामले को लेकर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भाजपा और चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में SIR के बाद हर पांचवां मतदाता ड्राफ्ट सूची से बाहर हो गया है और सवाल उठाया कि अलग-अलग चुनावों में मतदाताओं की संख्या में इतना अंतर कैसे आया।राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट में महाराष्ट्र के 2024 लोकसभा और विधानसभा चुनावों के मतदाता आंकड़ों का हवाला देते हुए सवाल किया कि लोकसभा 2024, विधानसभा 2024 और SIR 2026 में से कौन-सी मतदाता सूची सही थी?उन्होंने भाजपा और चुनाव आयोग पर अपनी रणनीति बदलते रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनका कथित उद्देश्य किसी भी कीमत पर भाजपा की जीत सुनिश्चित करना और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करना है।
वहीं, चुनाव अधिकारियों का कहना है कि ड्राफ्ट सूची से नाम बाहर होने के पीछे मुख्य कारण एन्यूमरेशन फॉर्म का जमा न होना है। अधिकारियों के मुताबिक, इसमें बड़ी संख्या ऐसे मतदाताओं की है जो अपने पते पर नहीं मिले, स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके हैं, मृत हो चुके हैं अथवा पहले से किसी अन्य स्थान पर पंजीकृत हैं।जिलेवार आंकड़ों के अनुसार पुणे में करीब 28.6 लाख, ठाणे में 28.5 लाख, मुंबई उपनगर में 26.5 लाख, नागपुर में 14.43 लाख, नासिक में 10.27 लाख और मुंबई शहर में करीब 9.5 लाख एन्यूमरेशन फॉर्म जमा नहीं हो सके।अब दावा-आपत्ति की प्रक्रिया के दौरान पात्र मतदाताओं को अपने नाम सूची में शामिल कराने का अवसर मिलेगा। अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद ही महाराष्ट्र में SIR के तहत मतदाता सूची में हुए बदलाव की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

