यूपी कैबिनेट की बड़ी बैठक: पंचायत चुनाव में OBC आरक्षण तय करेगा नया आयोग, 12 प्रस्तावों को मंजूरी

लखनऊ, जनमुख न्यूज़। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट की अहम बैठक में कई बड़े फैसलों पर मुहर लगी। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद आयोजित पहली कैबिनेट बैठक में ओबीसी आरक्षण, मेट्रो विस्तार, स्वास्थ्य सुविधाओं और बिजली परियोजनाओं समेत 12 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
सबसे अहम फैसला त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण तय करने के लिए “उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग” के गठन को लेकर लिया गया। यह आयोग प्रदेश के सभी 75 जिलों में जाकर जातिवार और आर्थिक आंकड़ों का अध्ययन करेगा और उसी आधार पर पंचायत चुनावों में आरक्षण संबंधी अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा। आयोग में पांच सदस्य होंगे, जिसमें एक सेवानिवृत्त हाईकोर्ट जज को अध्यक्ष बनाया जाएगा।
कैबिनेट बैठक में प्रदेश की ऊर्जा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मिर्जापुर में 765/400 केवी क्षमता वाले विद्युत संकलन उपकेंद्र और उससे जुड़ी पारेषण लाइनों की स्थापना को भी मंजूरी दी गई। करीब 2799 करोड़ रुपये की इस परियोजना से बिजली आपूर्ति व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी तथा औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
स्वास्थ्य क्षेत्र में भी सरकार ने बड़ा निर्णय लेते हुए डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के शहीद पथ स्थित नए परिसर में 1100 बेड वाले अत्याधुनिक इमरजेंसी सेंटर, ओपीडी और शिक्षण भवन के निर्माण को स्वीकृति दी। लगभग 855 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना से राजधानी और आसपास के जिलों के मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी।
बैठक में आगरा और लखनऊ मेट्रो परियोजनाओं से जुड़े प्रस्तावों को भी हरी झंडी दी गई। आगरा मेट्रो के दूसरे कॉरिडोर के लिए भूमि हस्तांतरण को मंजूरी मिली, जबकि लखनऊ में चारबाग से वसंतकुंज तक पूर्व-पश्चिम मेट्रो कॉरिडोर निर्माण के लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकार और यूपी मेट्रो रेल निगम के बीच एमओयू को स्वीकृति दी गई। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 5801 करोड़ रुपये बताई गई है।
इसके अलावा पशु चिकित्सा के छात्रों के प्रशिक्षण भत्ते में बढ़ोतरी का फैसला लिया गया। सरकार का कहना है कि इससे विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता मिलेगी और पशु चिकित्सा सेवाओं के लिए बेहतर मानव संसाधन तैयार होंगे।
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी कैबिनेट ने मिर्जापुर जिले के चुनार तहसील स्थित समसपुर गांव में “सरदार पटेल एपेक्स विश्वविद्यालय” की स्थापना के लिए आशय पत्र जारी करने को मंजूरी दी है। सरकार का कहना है कि इन फैसलों से प्रदेश में विकास, निवेश, शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत संरचना को नई गति मिलेगी।

