बुद्ध पूर्णिमा पर सारनाथ में उमड़ा आस्था का सैलाब, अस्थि अवशेष के दर्शन को हजारों श्रद्धालु पहुंचे

वाराणसी, जनमुख न्यूज़। धर्म नगरी काशी में बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। सारनाथ स्थित मूलगंध कुटी बौद्ध मंदिर में भगवान बुद्ध के पवित्र अस्थि अवशेष के दर्शन के लिए देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु पहुंचे।
सुबह 6:30 बजे से दर्शन की शुरुआत हुई, जो दोपहर 11 बजे तक जारी रही। इसके बाद अस्थि अवशेष को सुरक्षित स्थान पर रख दिया गया। इस अवसर पर भगवान बुद्ध की 2570वीं जयंती भी श्रद्धा के साथ मनाई जा रही है।
कार्यक्रम के तहत दोपहर बाद कचहरी क्षेत्र से धम्म यात्रा निकाली जाएगी, जो मंदिर परिसर तक पहुंचेगी। इसके बाद धम्म सभा, सांस्कृतिक कार्यक्रम और धम्मदेशना का आयोजन किया जाएगा।
बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर मंदिर को शाम में 5000 दीपकों से सजाया जाएगा, जिससे पूरा परिसर जगमगा उठेगा। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए करीब 70 हजार बौद्ध अनुयायियों के लिए भोजन की विशेष व्यवस्था की गई है। महाबोधि सोसाइटी कार्यालय के पास सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक भोजन वितरण किया जाएगा।
महाबोधि सोसाइटी ऑफ इंडिया के संयुक्त सचिव भिक्षु सम्मितानंद थेरो के अनुसार, बुद्ध पूर्णिमा बौद्ध अनुयायियों के लिए सबसे पवित्र दिन है, क्योंकि इसी दिन भगवान बुद्ध का जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण हुआ था। उन्होंने बताया कि इस दिन विश्व शांति के लिए विशेष पूजा-अर्चना और अनुष्ठान भी किए जाते हैं।
सारनाथ में इस अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच पूरे दिन आध्यात्मिक माहौल बना रहा और शाम को दीपों की रोशनी में मंदिर परिसर दिव्य आभा से आलोकित होगा।

