LGBT समुदाय के लिए एचआईवी/एड्स जागरूकता एवं स्वास्थ्य शिविर आयोजित, मुफ्त जांच और परामर्श

वाराणसी, जनमुख न्यूज़। माता आनंदमयी अस्पताल में प्रिज्मैटिक फाउंडेशन के तत्वावधान में एलजीबीटी (LGBT) समुदाय और आमजन के लिए एचआईवी/एड्स जागरूकता एवं स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य हाशिए पर रहने वाले समुदायों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना और एचआईवी/एड्स, टीबी, शुगर तथा यौन संचारित रोगों (STDs) के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों की निःशुल्क स्वास्थ्य जांच की गई, जिसमें सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण, चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यक जांच शामिल रहीं। साथ ही जरूरतमंद लोगों को मुफ्त दवाओं का वितरण भी किया गया।LGBT अधिकारों के लिए कार्य कर रहे सैम ने सुरक्षित यौन व्यवहार, नियमित जांच और कंडोम के उपयोग के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि समय पर पहचान और इलाज से एचआईवी को नियंत्रित किया जा सकता है और संक्रमित व्यक्ति सामान्य जीवन जी सकता है।प्रिज्मैटिक फाउंडेशन की नीति ने विशेष रूप से LGBT समुदाय के युवाओं को यौन स्वास्थ्य, सुरक्षित संबंध और नियमित जांच के प्रति जागरूक किया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (NACO) के अनुसार देश में लगभग 23 से 24 लाख लोग एचआईवी के साथ जीवन जी रहे हैं। हालांकि संक्रमण के मामलों में कमी आई है, लेकिन LGBT समुदाय, सेक्स वर्कर्स और इंजेक्शन ड्रग यूज़र्स में संक्रमण दर अभी भी अधिक है।
कार्यक्रम में अपोलो संस्था की सविता जी ने एचआईवी/एड्स से जुड़ी जरूरी जानकारियां साझा कीं। उन्होंने संक्रमण के कारण, रोकथाम, सुरक्षित व्यवहार और समय पर इलाज की आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा की। प्रतिभागियों को व्यक्तिगत स्वास्थ्य संबंधी परामर्श भी दिया गया।प्रिज्मैटिक फाउंडेशन के हेतवी ने कहा कि सामाजिक भेदभाव के कारण LGBT समुदाय के कई लोग स्वास्थ्य सेवाओं से दूर रह जाते हैं। ऐसे में इस तरह के शिविर उनके लिए बेहद जरूरी हैं।माता आनंदमयी अस्पताल के प्रशासक देवाशीष दास ने बताया कि उत्तर प्रदेश में अनुमानित 1.5 से 2 लाख लोग एचआईवी के साथ जीवन जी रहे हैं। वाराणसी जैसे बड़े धार्मिक और पर्यटन केंद्रों में प्रवासी आबादी और जागरूकता की कमी के चलते HIV और STD की चुनौती बनी हुई है। उन्होंने कहा कि नियमित जांच और परामर्श सेवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है, जो लोगों में बढ़ती जागरूकता का संकेत है।शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया और इस पहल की सराहना की। आयोजकों ने भविष्य में भी इस प्रकार के स्वास्थ्य एवं जागरूकता कार्यक्रम जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई। कार्यक्रम के अंत में अनामिका ने धन्यवाद ज्ञापन किया।इस अवसर पर रूमान, श्रेया, अनुराग, आर्या, तानिया, कार्तिक, दक्ष, एलेक्स, चंदन, नैंसी, सुमन, साहिल और तैन समेत कई लोग उपस्थित रहे।

