एसएसपीजी मंडलीय अस्पताल बनेगा सुपर स्पेशलिटी सेंटर, शुरू हुआ निर्माण कार्य

वाराणसी, जनमुख न्यूज़। कबीरचौरा अस्पताल के नाम से जाना जाने वाला श्री शिव प्रसाद गुप्त मंडलीय चिकित्सालय की तस्वीर अब पूरी तरह बदलने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर अस्पताल को अत्याधुनिक सुपर स्पेशलिटी हेल्थ सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा। 315.48 करोड़ रुपये की लागत वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना का गत् दिनों 28 अप्रैल को अपने काशी आगमन पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किये गये शिलान्यास का निर्माण कार्य रविवार को पूर्व मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक डॉ नीलकंठ तिवारी द्वारा विधिवत भूमि पूजन एवं पूजा-अर्चना के साथ शुरू हो चुका है। भूमि पूजन के अवसर पर भारी संख्या में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ नीलकंठ तिवारी ने बताया कि यह परियोजना केवल एक भवन निर्माण नहीं, बल्कि पूरे पूर्वांचल की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा देने वाली पहल है। उन्होंने कहा कि वर्षों पुराने इस अस्पताल को आधुनिक तकनीक और विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाओं से लैस किया जाएगा, ताकि गरीब और जरूरतमंद मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके। 150 साल पुराने अस्पताल का होगा आधुनिक पुनर्निर्माण वर्ष 1870-75 के दौरान स्थापित शिव प्रसाद गुप्त चिकित्सालय लंबे समय से पूर्वांचल के लाखों मरीजों के उपचार का प्रमुख केंद्र रहा है। लेकिन समय के साथ भवन जर्जर होते गए और आधुनिक सुविधाओं की जरूरत महसूस होने लगी। अब पुराने ढांचे को हटाकर यहां 315.48 करोड़ रुपये की लागत से नया आठ मंजिला सुपर स्पेशलिटी भवन तैयार किया जाएगा। दो टावरों वाले इस विशाल परिसर में आधुनिक चिकित्सा तकनीक, अत्याधुनिक मशीनें और हाईटेक उपचार सुविधाएं उपलब्ध होंगी। आईसीयू, कैंसर, न्यूरो और हार्ट यूनिट जैसी आधुनिक सुविधाओं से लैस यह अस्पताल पूर्वांचल के लाखों मरीजों के लिए बड़ा स्वास्थ्य केंद्र बनेगा। यहां दिल, दिमाग और किडनी जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज मात्र 1 रुपये में होगा। 8 मंजिला इस हाईटेक अस्पताल में आईसीयू बेड और आधुनिक लैब होंगी, जिससे बीएचयू पर मरीजों का बोझ कम होगा और पूर्वांचल को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में 300 बेड वाले इस अस्पताल को विस्तार देकर 500 बेड क्षमता का बनाया जाएगा। अस्पताल में मरीजों के लिए बेहतर वार्ड, इमरजेंसी यूनिट और आधुनिक ऑपरेशन थिएटर विकसित किए जाएंगे। इसके साथ ही गंभीर मरीजों के इलाज के लिए 50 से अधिक आईसीयू बेड और 100 से ज्यादा एचडीयू बेड की व्यवस्था की जाएगी। नई परियोजना के तहत अस्पताल में हृदय रोग, कैंसर और न्यूरो से जुड़ी बीमारियों के इलाज के लिए विशेष यूनिट बनाई जाएंगी। इसके अलावा किडनी रोगियों के लिए 20 बेड का आधुनिक डायलिसिस सेंटर भी विकसित किया जाएगा। बच्चों के इलाज को ध्यान में रखते हुए समर्पित चाइल्ड यूनिट तैयार होगी। वहीं निकट स्थित महिला अस्पताल में बच्चों के लिए अलग आईसीयू ब्लॉक बनाने की भी योजना है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यह अस्पताल न केवल वाराणसी, बल्कि पूर्वांचल, बिहार, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के करोड़ों लोगों के लिए वरदान साबित होगा। अक्सर गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को बीएचयू के चक्कर काटने पड़ते थे, जहां मरीजों का भारी दबाव रहता है। अब इस नए सेंटर के आने से स्वास्थ्य सुविधाओं का भार बंट जाएगा और लोगों को समय पर इलाज मिल सकेगा। नये चिकित्सालय में सीएसएसडी अर्थात सेंट्रल स्टरलाइज्ड सप्लाई डिपार्टमेंट केंद्रीय रोगाणुहीन सेवा विभाग के द्वारा चिकित्सालय सामान को रोगाणुहीन करते हुएं वितरित किया जाएगा। नये चिकित्सालय में ओपीडी, आईपीडी, प्राइवेट वार्ड, प्रिजनर वार्ड, मोर्चरी, आइसोलेशन वार्ड, पैलेटिव केयर वार्ड, लॉन्ड्री, किचन, केफेटेरिया, पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, बायोकेमेस्ट्री, ब्लड बैंक, स्किल्ड लैब, बर्न वार्ड 14 बेड, डे केयर 15 बेड, डायलिसिस 20 बेड, एनआरसी पोषण पुनर्वास केंद्र 30 बेड, आपरेशन थियेटर 4 एवं एक इमेरजैंसी ओटी होगा। इसके अलावा सर्जरी, मेडिसिन, पीडियाट्रिक्स, आर्थो का ओपीडी/वार्ड रहेगा। बताया कि इस चिकित्सालय में फिजियोथेरेपी, फैमिली मेडिसिन, पीएसी, डेंटल, आयुष, जिरियाट्रिक मेडिसिन, न्यूट्रीशन, एनसीडी क्लिनिक, मानसिक रोग, डरमोटोलाजसिस्ट ओपीडी रहेगी। बताया कि इस सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सालय में कार्डियोलॉजी, एंजियोप्लास्टी, गेस्ट्रोलॉजी, यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, प्लास्टिक सर्जरी, न्यूरो सर्जरी, न्यूरोलॉजी, आर्थोलॉजी आदि की सुविधाए उपलब्ध रहेंगी।
डॉ. नीलकंठ तिवारी ने बताया कि अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 2 से 3 हजार मरीज पहुंचते हैं, जबकि कई दिनों में यह संख्या 4 हजार तक पहुंच जाती है। वाराणसी के अलावा पूर्वांचल के कई जिलों और पड़ोसी राज्यों से भी मरीज यहां इलाज के लिए आते हैं। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद शिव प्रसाद गुप्त चिकित्सालय पूर्वांचल का सबसे आधुनिक सरकारी अस्पताल बनकर उभरेगा, जहां विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच के कारण काशी में स्वास्थ्य सेवाओं का नया युग शुरू हो रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह परियोजना आने वाले वर्षों में पूर्वांचल के लाखों लोगों के लिए जीवनदायिनी साबित होगी और सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की नई पहचान बनेगी।अस्पताल आने वाले मरीजों और तीमारदारों की सबसे बड़ी परेशानी पार्किंग को लेकर रहती है। इसे देखते हुए नए परिसर में 600 से अधिक वाहनों की पार्किंग व्यवस्था विकसित की जाएगी। इससे अस्पताल परिसर में अव्यवस्था कम होगी और मरीजों को काफी राहत मिलेगी। उन्होंने मौके पर मौजूद कार्यवाही संस्था के अभियंता को निर्देशित करते हुए कहा कि निर्माण कार्य को युद्ध स्तर पर करते हुए प्रत्येक दशा में निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत मानक के अनुरूप गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराए। इसमें किसी भी स्तर पर कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, वहीं उन्होंने अस्पताल प्रशासन के अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य के दौरान वह भी कार्य पर पैनी नजर रखें और मानक के अनुरूप निर्माण कार्य सुनिश्चित कराएं।
इस अवसर पर सी.एम.ओ., सी.एम.एस, जगदीश त्रिपाठी, आत्मा विश्वेश्वर, डॉ रचना अग्रवाल, साधना वेदांती, आलोक श्रीवास्तव, बबलू सेठ, राजीव सिंह डब्बू, तारकेश्वर गुप्ता बंटी, संदीप चतुर्वेदी, पार्षद गण संजय केशरी, संतोष सोलापुरकर, श्रवण गुप्ता, अभिजीत भारद्वाज, इंद्रेश सिंह, अक्षयबर सिंह, नलिन नयन मिश्र, कनकलता मिश्र, गोपाल जी गुप्ता सहित मंडलीय चिकित्सालय के डाक्टर व स्टाफ व भारी संख्या में क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे।

