26 साल पुराने मामले में CBI के दो अधिकारी दोषी: कोर्ट ने सुनाई 3-3 महीने की सजा

नई दिल्ली, जनमुख न्यूज़। तीस हजारी कोर्ट ने 26 साल पुराने एक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के दो अधिकारियों को दोषी ठहराते हुए तीन-तीन महीने की कैद की सजा सुनाई है। यह मामला वर्ष 2000 में एक आईआरएस अधिकारी के घर पर बिना वैध अनुमति छापा मारने और मारपीट करने से जुड़ा है।
अतिरिक्त जिला न्यायाधीश शशांक नंदन भट्ट की अदालत ने सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी वीके पांडे और वर्तमान में CBI में जॉइंट डायरेक्टर पद पर तैनात रामनीश (तत्कालीन डीएसपी) को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी पाया। इनमें धारा 323 (चोट पहुंचाना), 448 (अनधिकृत प्रवेश), 427 (संपत्ति को नुकसान) और 34 (साझा मंशा) शामिल हैं।
मामले के अनुसार, 19 अक्टूबर 2000 को CBI टीम ने आईआरएस अधिकारी अशोक कुमार अग्रवाल के पश्चिम विहार स्थित आवास पर छापा मारा था। आरोप था कि अधिकारियों ने बिना उचित कानूनी दस्तावेज के घर का दरवाजा तोड़कर जबरन प्रवेश किया, मारपीट की और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि यह कार्रवाई कानून की सीमाओं का गंभीर उल्लंघन थी और अधिकारियों ने अपने अधिकारों का दुरुपयोग किया। कोर्ट ने इसे पेशेवर दुश्मनी निकालने की कोशिश भी बताया।

