सोनारपुर में अभिषेक बनर्जी का विरोध, पीड़ित परिवार से मुलाकात के दौरान हंगामा; टीएमसी ने भाजपा पर लगाया आरोप

कोलकाता, जनमुख न्यूज़। पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद की हिंसा के बीच तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद अभिषेक बनर्जी को शनिवार को सोनारपुर दौरे के दौरान स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। वह चुनावी हिंसा के कथित पीड़ित एक परिवार से मिलने पहुंचे थे। इस दौरान कुछ लोगों ने उनके खिलाफ नारेबाजी की और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अभिषेक बनर्जी के काफिले के पहुंचते ही कुछ लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। आरोप है कि उनके ऊपर पत्थर, जूते और अंडे भी फेंके गए। वहीं, कुछ लोगों द्वारा धक्का-मुक्की और मारपीट की कोशिश किए जाने की भी बात सामने आई है। विरोध कर रहे लोगों ने ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए।
विधानसभा चुनाव परिणाम आने के करीब 25 दिन बाद यह अभिषेक बनर्जी का पहला सार्वजनिक दौरा था। वह सोनारपुर नगरपालिका के वार्ड संख्या-9 स्थित विवेकानंदनगर इलाके में चुनाव बाद हिंसा में मृत बताए जा रहे संजू कर्मकार के परिजनों से मिलने पहुंचे थे। उनके दौरे की जानकारी एक दिन पहले ही सार्वजनिक की गई थी।
स्थिति को देखते हुए सुरक्षाकर्मियों ने अभिषेक बनर्जी को सुरक्षा घेरे में लेकर पीड़ित परिवार के घर तक पहुंचाया। इस दौरान उनकी शर्ट फटने की भी जानकारी सामने आई है। घटनास्थल पर मौजूद एक स्थानीय महिला ने उनके दौरे पर सवाल उठाते हुए नाराजगी जाहिर की।
घटना के बाद अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि पूरा विरोध प्रदर्शन भाजपा प्रायोजित था। उन्होंने कहा कि उनके ऊपर हमला किया गया और प्रशासन मौके पर पर्याप्त संख्या में मौजूद नहीं था। उन्होंने दावा किया कि पूरी घटना रिकॉर्ड की गई है और मामले को राज्यपाल तथा अदालत के समक्ष उठाया जाएगा।
टीएमसी सांसद ने कहा कि वह पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष जारी रखेंगे। वहीं उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों की अनुपस्थिति पर भी सवाल खड़े किए और कहा कि पूरे घटनाक्रम की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी जाएगी।
घटना के बाद इलाके में राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले की जांच की जा रही है और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।
ममता बनर्जी को जैसे ही अभिषेक बनर्जी के अस्पताल पहुंचने की जानकारी मिली, वह तुरंत कालीघाट स्थित अपने आवास से अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने अभिषेक की सेहत की जानकारी ली और डॉक्टरों से बातचीत की। इस दौरान अभिषेक की मां लता बनर्जी भी अस्पताल में मौजूद रहीं। तृणमूल कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और सांसद भी अस्पताल पहुंचे। घटना के बाद पार्टी नेताओं ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताते हुए भाजपा और राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए।

