बीएचयू अस्पताल में रेजिडेंट डॉक्टरों से मारपीट, ओपीडी बंद होने से 200 मरीज परेशान
वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के सर सुंदरलाल अस्पताल में सोमवार को रेजिडेंट डॉक्टरों के साथ मारपीट का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया। घटना गैस्ट्रोलॉजी विभाग की ओपीडी में हुई, जिसके विरोध में डॉक्टरों ने काम बंद कर दिया। इसके चलते इलाज के लिए पहुंचे करीब 200 मरीजों को बिना परामर्श लौटना पड़ा।आईएमएस बीएचयू के प्रभारी निदेशक संजय गुप्ता ने बताया कि ओपीडी में डॉक्टरों के साथ मारपीट की सूचना मिली है, जिसकी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि फिलहाल कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है, लेकिन सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों की पहचान की जा रही है। प्रशासन यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि मंगलवार से ओपीडी सामान्य रूप से संचालित हो सके।प्रोफेसर संजय गुप्ता के अनुसार 5 से 6 लोग मुंह ढककर मरीज दिखाने के बहाने ओपीडी में पहुंचे थे। उसी दौरान डॉक्टरों के साथ कथित रूप से हाथापाई की गई। घटना के समय विभागाध्यक्ष देवेश प्रकाश यादव भी ओपीडी में मौजूद थे। बताया जा रहा है कि पूरी घटना सुरक्षाकर्मियों के सामने हुई।
घटना से नाराज विभागाध्यक्ष और अन्य रेजिडेंट डॉक्टर ओपीडी छोड़कर चले गए, जिससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। विभागाध्यक्ष डॉ. देवेश प्रकाश यादव ने आरोप लगाया कि दोपहर करीब एक बजे कुछ लोग ओपीडी में आए और डॉक्टरों के साथ मारपीट की। उनका कहना है कि करीब दो घंटे बाद वही लोग दोबारा पहुंचे और फिर हाथापाई करने लगे।
उन्होंने बताया कि मामले की सूचना तत्काल प्रॉक्टोरियल बोर्ड को दी गई थी, लेकिन समय रहते कार्रवाई नहीं हुई। बाद में बोर्ड की ओर से संपर्क किया गया, तब तक डॉक्टर वहां से जा चुके थे।
घटना अस्पताल के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के ग्राउंड फ्लोर स्थित गैस्ट्रोलॉजी विभाग की ओपीडी में हुई। इस मामले ने अस्पताल में डॉक्टरों की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक सतर्कता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

