काशी की भक्ति में डूबीं अभिनेत्री भाग्यश्री, काल भैरव के दर्शन के बाद दशाश्वमेध घाट पर की मां गंगा की आरती

वाराणसी, जनमुख न्यूज़। बॉलीवुड की चर्चित अभिनेत्री और फिल्म ‘मैंने प्यार किया’ से लोकप्रिय हुईं भाग्यश्री शुक्रवार को आध्यात्मिक नगरी काशी पहुंचीं। उन्होंने अपनी धार्मिक यात्रा की शुरुआत बाबा काल भैरव के दर्शन-पूजन से की और बाद में विश्व प्रसिद्ध दशाश्वमेध घाट पर आयोजित मां गंगा की भव्य आरती में शामिल होकर श्रद्धा अर्पित की।
काल भैरव मंदिर में भाग्यश्री ने वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना की। उन्होंने बाबा को पुष्पमाला, सरसों का तेल, दुपट्टा और मिष्ठान अर्पित कर देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर के आचार्यों ने वैदिक मंत्रोच्चार और काल भैरवाष्टकम के पाठ के साथ उनका पूजन संपन्न कराया।
शाम को अभिनेत्री दशाश्वमेध घाट पहुंचीं, जहां उन्होंने वैदिक मंत्रों, शंखनाद और दीपों की अलौकिक छटा के बीच मां गंगा की भव्य आरती का दर्शन किया। आध्यात्मिक वातावरण से अभिभूत भाग्यश्री ने पूरे श्रद्धाभाव से मां गंगा की आराधना की और विश्व में शांति, समृद्धि एवं मानव कल्याण की प्रार्थना की।आरती के उपरांत गंगोत्री सेवा समिति ट्रस्ट की ओर से सचिव दिनेश शंकर दुबे ने उन्हें अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान उन्हें काशी की धार्मिक परंपराओं, गंगा आरती के इतिहास और उसकी वैश्विक पहचान से भी अवगत कराया गया।
भाग्यश्री ने कहा कि काशी का आध्यात्मिक वातावरण, मां गंगा की पावन धारा और दशाश्वमेध घाट की दिव्य आरती उनके जीवन के सबसे यादगार अनुभवों में शामिल हो गई है।गंगोत्री सेवा समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती आज केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और काशी की वैश्विक पहचान का प्रतीक बन चुकी है, जिसे देखने के लिए प्रतिदिन देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक यहां पहुंचते हैं।


