चौबेपुर थाने के बाहर महिलाओं का हंगामा, अपहरण-दुष्कर्म केस में युवक को निर्दोष बताकर जांच पर उठाए सवाल

वाराणसी, जनमुख न्यूज़। चौबेपुर थाना क्षेत्र में दर्ज नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामले ने शुक्रवार को नया मोड़ ले लिया। आरोपित युवक के परिवार की महिलाओं ने चौबेपुर थाने के बाहर एकत्र होकर पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। करीब 70 महिलाओं ने आरोपी को निर्दोष बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए।
प्रदर्शन का नेतृत्व आरोपी युवक की मां मीना देवी ने किया। उनका कहना था कि पुरानी जमीनी रंजिश के चलते उनके बेटे करन को झूठे मुकदमे में फंसाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने बिना सभी तथ्यों की गहराई से जांच किए उनके बेटे को जेल भेज दिया, जबकि मामले से जुड़े कई अहम साक्ष्यों पर ध्यान नहीं दिया गया।
परिजनों का दावा है कि मामले में मौजूद बयान और अन्य साक्ष्य वास्तविक घटनाक्रम की ओर इशारा करते हैं। उनका आरोप है कि नाबालिग को लंबे समय तक किसी अन्य व्यक्ति ने अपने रिश्तेदारों के यहां रखा था, लेकिन जांच की दिशा बदलकर उनके बेटे को आरोपी बना दिया गया।
विरोध प्रदर्शन के दौरान आरोपी की नानी दुईजा देवी की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर पड़ीं। मौके पर मौजूद पुलिस ने तत्काल एंबुलेंस बुलाकर उन्हें नरपतपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत सामान्य बताई गई।
करीब साढ़े तीन घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने पुलिस से पूरे मामले की दोबारा निष्पक्ष जांच कराने और वास्तविक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बाद में पुलिस अधिकारियों के समझाने पर प्रदर्शन समाप्त हुआ।
इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक वीरेंद्र कुमार सोनकर ने बताया कि प्रकरण की जांच एसीपी सारनाथ स्तर पर की जा रही है। उन्होंने कहा कि विवेचना पूरी तरह साक्ष्यों के आधार पर होगी और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुरूप कानूनी कार्रवाई की जाएगी। किसी निर्दोष के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।

