वाराणसी में नगर निगम का अतिक्रमण पर बड़ा अभियान, 550 बीघा सरकारी जमीन कब्जामुक्त

वाराणसी, जनमुख न्यूज़। नगर निगम ने शहर और नवविस्तारित क्षेत्रों में सरकारी जमीनों को कब्जामुक्त कराने का अभियान तेज कर दिया है। बृहस्पतिवार को चितईपुर, कैंट और वरुणा पार क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। नगर निगम की इस मुहिम का उद्देश्य सरकारी भूमि का संरक्षण कर उसे विकास कार्यों में उपयोग करना है।
नगर निगम के मुताबिक अब तक करीब 550 बीघा सरकारी जमीन से अवैध कब्जे हटाए जा चुके हैं। हाल ही में हुए सर्वे में 1400 बीघे से अधिक सरकारी जमीनों की पहचान की गई थी, जिन पर वर्षों से अवैध कब्जा था। फिलहाल उन जमीनों को प्राथमिकता दी जा रही है, जहां किसी प्रकार का विवाद नहीं है।
अभियान के तहत टीन शेड और अस्थायी निर्माण कर कब्जा करने वालों को हटाया जा रहा है। कब्जा हटाने के बाद नगर निगम संबंधित जमीनों को तारबंदी कर अपने बोर्ड लगा रहा है, ताकि दोबारा अतिक्रमण न हो सके।
नगर निगम का कहना है कि कब्जामुक्त कराई गई जमीनों का उपयोग सार्वजनिक सुविधाओं और सरकारी योजनाओं के लिए किया जाएगा। इनमें कम्युनिटी सेंटर, बारातघर, पार्क और अन्य जनसुविधाओं के विकास की योजना शामिल है। अधिकारियों के अनुसार इन जमीनों की अनुमानित कीमत करीब 700 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
कुछ स्थानों पर जमीन की सीमांकन प्रक्रिया पूरी कर पिलर लगाए गए हैं, जबकि कई जगहों पर निगम ने बोर्ड और तारबंदी कर भूमि को आधिकारिक रूप से नगर निगम की संपत्ति घोषित कर दिया है।
नगर निगम के सर्वे में नवविस्तारित 79 गांवों में 1300 बीघे से अधिक सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा पाया गया था। अधिकारियों का कहना है कि लंबे समय तक ग्राम सभाओं के अधीन रहने के कारण लोगों ने इन जमीनों पर मनमाने तरीके से कब्जा कर लिया था।
सहायक नगर आयुक्त अनिल यादव ने बताया कि नगर निगम लगातार सरकारी जमीनों को कब्जामुक्त कराने की कार्रवाई कर रहा है और भविष्य में इन जमीनों पर जनहित से जुड़े विकास कार्य कराए जाएंगे।

