देश की पहली डिजिटल जनगणना 2027 की शुरुआत, 21 मई तक कर सकेंगे स्व-गणना

वाराणसी, जनमुख न्यूज़। देश की पहली डिजिटल जनगणना-2027 का औपचारिक आगाज हो गया है। सात मई से जनगणना के पहले चरण के तहत स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जो 21 मई तक चलेगी।
वर्ष 2027 की प्रस्तावित जनगणना के प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकान गणना कार्य का शुभारंभ वाराणसी नगर निगम क्षेत्र में किया गया। नगर निगम के विभिन्न जोनों में जोनवार जनगणना अभियान की शुरुआत की गई। कोतवाली जोन अंतर्गत जनगणना कार्य का शुभारंभ शहर के प्रतिष्ठित समाजसेवी डॉ. शिव शम्भू सुन्दर गांगुली के आवास के-65/48, कबीरचौरा से किया गया। डॉ. गांगुली राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित हैं तथा इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी के एक्जीक्यूटिव सदस्य और सिविल डिफेंस के पूर्व डिप्टी चीफ वार्डन भी रह चुके हैं।
जनगणना कार्य को कोतवाली जोन की कर अधीक्षक एवं सहायक चार्ज अधिकारी सुश्री दिलशाद हिदायत तथा चार्ज फील्ड ट्रेनर केशव किशोर कश्यप द्वारा संपन्न कराया गया। इस दौरान नगर निगम कर्मचारी संघ के अध्यक्ष मनोज कुमार ने भी सहयोग प्रदान किया। अधिकारियों ने बताया कि जनगणना के प्रथम चरण में मकानों का सूचीकरण, भवनों की स्थिति एवं आवश्यक आंकड़ों का संकलन किया जाएगा, जिससे आगामी जनगणना प्रक्रिया को व्यवस्थित रूप से पूरा किया जा सके।
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने नागरिकों से इस ऐतिहासिक पहल में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। नगर आयुक्त ने बताया कि केंद्र सरकार ने पहली बार लोगों को आधिकारिक पोर्टल पर स्वयं अपने और परिवार के सदस्यों का विवरण दर्ज करने की सुविधा उपलब्ध कराई है। नागरिक जनगणना पोर्टल पर जाकर मोबाइल नंबर और नाम के माध्यम से पंजीकरण कर सकते हैं। ओटीपी सत्यापन के बाद 33 प्रश्नों वाली प्रश्नावली भरनी होगी। प्रक्रिया पूरी होने पर प्रत्येक परिवार को 11 अंकों की एक एसई आईडी मिलेगी, जिसे सुरक्षित रखना जरूरी होगा।
उन्होंने बताया कि जो परिवार स्व-गणना पूरी कर लेंगे, उन्हें 22 मई से शुरू होने वाले घर-घर सर्वेक्षण के दौरान काफी सुविधा मिलेगी। प्रगणक के घर पहुंचने पर केवल एसई आईडी दिखानी होगी और रिकॉर्ड मेल खाने पर डेटा तुरंत स्वीकार कर लिया जाएगा, जिससे समय की बचत होगी।
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने लोगों को भरोसा दिलाया कि पूरी प्रक्रिया सुरक्षित और एन्क्रिप्शन आधारित है। जनगणना के दौरान किसी भी व्यक्ति से बैंक संबंधी जानकारी या आधार नंबर नहीं मांगा जाएगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि प्रगणक के आने पर उनका आधिकारिक पहचान पत्र अवश्य जांच लें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना का उद्देश्य विकास योजनाओं के लिए सटीक आंकड़े जुटाना है, न कि नागरिकता साबित करना। जनगणना का पहला चरण हाउसलिस्टिंग और हाउसिंग सर्वे के रूप में मई-जून 2026 तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण फरवरी 2027 में आयोजित होगा। इसमें जनसंख्या, साक्षरता, रोजगार और जातिगत आंकड़ों सहित कई महत्वपूर्ण सूचनाएं एकत्र की जाएंगी।
नगर निगम प्रशासन ने बताया कि डिजिटल जनगणना को सफल बनाने के लिए प्रगणकों का प्रशिक्षण पूरा कर लिया गया है और आम जनता से इस राष्ट्रीय अभियान में सहयोग करने की अपील की गई है।

