कांग्रेस का तीन महीने का राष्ट्रव्यापी अभियान, महंगाई-बेरोजगारी और पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार को घेरेगी

नई दिल्ली, जनमुख न्यूज़।श्रग्रेस ने आगामी तीन महीनों के लिए देशव्यापी जनआंदोलन और अभियान की घोषणा की है। पार्टी ने महंगाई, बेरोजगारी, परीक्षा घोटालों, सामाजिक असमानता और विदेश नीति से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाने का फैसला किया है। कांग्रेस का कहना है कि इस अभियान में पार्टी का हर नेता और कार्यकर्ता सड़क पर उतरकर जनता के बीच जाएगा।दिल्ली में आयोजित कांग्रेस की उच्च स्तरीय बैठक में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। बैठक में सभी राज्यों के एआईसीसी महासचिवों, प्रभारियों और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों के साथ संगठन की स्थिति और आगामी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के बाद के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, रसोई गैस और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि हो रही है तथा पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताएं युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही हैं। इन मुद्दों को लेकर कांग्रेस राष्ट्रीय, राज्य और जिला स्तर पर व्यापक प्रदर्शन करेगी। बैठक में संगठनात्मक मजबूती पर भी जोर दिया गया। कमजोर प्रदर्शन वाले राज्यों में बदलाव और नए नेतृत्व को अवसर देने पर विचार किया गया। साथ ही बेरोजगारी, महंगाई और नीट समेत विभिन्न परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन चलाने की रणनीति बनाई गई।कांग्रेस ने विपक्षी दलों के साथ मिलकर चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के मुद्दे को भी उठाने का निर्णय लिया है।
पार्टी ने कहा कि इस संबंध में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को पत्र भेजने की तैयारी की जा रही है। इसके अलावा INDIA गठबंधन के दलों के बीच बेहतर समन्वय के लिए हर दो महीने में बैठक आयोजित करने पर भी सहमति बनी है।बैठक के दौरान कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के संभावित विलय की चर्चाओं को भी खारिज कर दिया गया। के.सी. वेणुगोपाल ने स्पष्ट कहा कि टीएमसी के कांग्रेस में विलय की खबरें पूरी तरह निराधार और अफवाह हैं। उन्होंने बताया कि ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की सोनिया गांधी और राहुल गांधी से मुलाकात सामान्य राजनीतिक बातचीत का हिस्सा थी, क्योंकि टीएमसी INDIA गठबंधन की सहयोगी पार्टी है।कांग्रेस नेताओं ने कहा कि आने वाले महीनों में पार्टी जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर देशभर में जनसंपर्क और विरोध कार्यक्रम चलाएगी तथा सरकार की नीतियों को लेकर जवाबदेही तय करने का प्रयास करेगी।

