नीट पेपर लीक विवाद के बीच धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, प्रल्हाद जोशी को मिला शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार

नई दिल्ली, जनमुख न्यूज़। नीट पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में जारी विरोध प्रदर्शनों और बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे गए अपने इस्तीफे में उन्होंने शिक्षा सुधार और राष्ट्र सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा किए गए संदेश में उन्होंने लिखा कि पिछले चार दशकों से उनका जीवन छात्रों, शिक्षकों और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा है तथा सशक्त और समावेशी शिक्षा व्यवस्था ही मजबूत राष्ट्र की आधारशिला है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी को सौंप दिया है। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है।नई व्यवस्था के तहत प्रल्हाद जोशी अपने मौजूदा खाद्य एवं उपभोक्ता मामले मंत्रालय की जिम्मेदारियों के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार भी संभालेंगे। सरकार का कहना है कि यह अंतरिम व्यवस्था मंत्रालय के कामकाज में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसे सुनिश्चित करने के लिए की गई है।
सूत्रों के अनुसार, शिक्षा मंत्रालय में आगे व्यापक प्रशासनिक और संरचनात्मक बदलावों की संभावना है। मंत्रालय के दीर्घकालिक पुनर्गठन और नई नियुक्तियों को लेकर सरकार उचित समय पर फैसला ले सकती है। इस्तीफे के बाद धर्मेंद्र प्रधान के आवास पर भाजपा और एनडीए के कई वरिष्ठ नेता उनसे मिलने पहुंचे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, डॉ. जितेंद्र सिंह, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पूर्व सांसद रमेश बिधूड़ी समेत कई नेताओं ने उनसे मुलाकात की।
नीट पेपर लीक विवाद के बाद यह घटनाक्रम केंद्र सरकार के लिए बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक फैसला माना जा रहा है। वहीं, छात्र संगठनों और विपक्षी दलों की नजर अब शिक्षा व्यवस्था में प्रस्तावित सुधारों और सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई है।

