पर्यटन परियोजनाओं में देरी पर डीएम सख्त, लापरवाह ठेकेदारों पर पेनाल्टी लगाने के निर्देश

वाराणसी, जनमुख न्यूज़। जिले में पर्यटन विकास परियोजनाओं और पर्यटक सुविधाओं की समीक्षा को लेकर शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी एवं जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद के अध्यक्ष की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में पर्यटन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान कई परियोजनाओं में धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कुंवार स्थित काली मंदिर, भैरवनाथ तालाब, करखियाव में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों से जुड़े पर्यटन स्थलों, अजगरा क्षेत्र के शिव मंदिर, क्रमेदेश्वर महादेव मंदिर तथा माधोपुर स्थित शुलटकेश्वर महादेव मंदिर के पर्यटन विकास कार्यों में हो रही देरी पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन परियोजनाओं में अनावश्यक विलंब हुआ है, उनके संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ नियमानुसार पेनाल्टी लगाई जाए।
बैठक में लमही स्थित साहित्य सम्राट मुंशी प्रेमचंद के आवास को संग्रहालय के रूप में विकसित करने की परियोजना की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने इसमें आ रही बाधाओं को तत्काल दूर कर कार्य शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा गंगा घाटों के पुनर्विकास और अस्सी घाट के जीर्णोद्धार कार्य में तेजी लाने को कहा गया।सारनाथ पर्यटक आवास गृह और परेड कोठी स्थित टूरिस्ट बंगले में पर्यटकों की सुविधाओं के लिए चल रहे कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए। वहीं सारनाथ के धमेख स्तूप पर लाइट एंड साउंड शो की व्यवस्था और पर्यटकों के बैठने की समुचित सुविधा विकसित करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक के दौरान कपिलधारा मंदिर, गुरुधाम मंदिर, नागा बाबा मंदिर और नमो घाट पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए पीए सिस्टम एवं स्टेज लाइट की व्यवस्था सहित अन्य पर्यटन परियोजनाओं पर भी चर्चा हुई।पर्यटन से जुड़े विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने ई-रिक्शा और टोटो संचालन को व्यवस्थित करने, गंगा में नाव संचालन के लिए निर्धारित किराया सूची प्रदर्शित करने तथा प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सूचना बोर्ड लगाने की मांग रखी। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
भीषण गर्मी को देखते हुए जिलाधिकारी ने प्रमुख पर्यटन स्थलों और घाटों पर वाटर एटीएम, वाटर कूलर, शेड तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही गंगा घाटों पर मादक पदार्थों के सेवन पर रोक लगाने के लिए जागरूकता एवं सूचना बोर्ड लगाने को भी कहा।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह, संयुक्त निदेशक पर्यटन दिनेश कुमार सिंह, यूपी पीसीएल के परियोजना प्रबंधक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

