दालमंडी में ध्वस्तीकरण अभियान अंतिम चरण में, 18 भवनों पर चला बुलडोजर; सड़क चौड़ीकरण का रास्ता साफ

वाराणसी, जनमुख न्यूज़। पूर्वांचल के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र दालमंडी में सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत चल रहा ध्वस्तीकरण अभियान अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। शनिवार को प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में 18 भवनों को गिराने की कार्रवाई शुरू की गई। इनमें 15 भवनों की रजिस्ट्री पूरी हो चुकी थी, जबकि तीन पुराने भवन भी ध्वस्तीकरण की जद में आए।अभियान के दौरान एडीएम सिटी डॉ. राजेश कुमार सिंह, पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता के.के. सिंह तथा एसीपी दशाश्वमेध डॉ. अतुल अंजान पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। सुरक्षा और निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों का भी इस्तेमाल किया गया।सुबह से ही पीडब्ल्यूडी की टीम जेसीबी और अन्य भारी मशीनों के साथ क्षेत्र में पहुंची और चिन्हित भवनों को गिराने का कार्य शुरू किया। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए आसपास के इलाकों में लोगों की आवाजाही नियंत्रित रखी गई।अधिकारियों के अनुसार, जिन भवनों को ध्वस्त किया गया है, उनके स्वामियों को निर्धारित मुआवजा पहले ही दिया जा चुका था। सभी प्रशासनिक औपचारिकताएं और रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही कार्रवाई की गई। परियोजना को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के लिए चरणबद्ध तरीके से अभियान चलाया जा रहा है।प्रशासनिक आंकड़ों के मुताबिक, दालमंडी परियोजना के तहत अब तक 60 से अधिक भवनों को ध्वस्त किया जा चुका है, जबकि 40 से अधिक भवनों पर कार्रवाई विभिन्न चरणों में जारी है। कुल 181 भवन इस परियोजना के लिए चिन्हित किए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण से क्षेत्र की यातायात व्यवस्था में सुधार होगा और लोगों को जाम की समस्या से राहत मिलेगी।ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए करीब 200 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। एसीपी दशाश्वमेध डॉ. अतुल अंजान ने बताया कि पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई और कहीं से किसी विरोध या अव्यवस्था की सूचना नहीं मिली। प्रशासन का लक्ष्य जल्द से जल्द ध्वस्तीकरण कार्य पूरा कर सड़क चौड़ीकरण का कार्य शुरू करना है।

